प्रथा
-बलराज सिंह सिद्धू
इस कहानी के पात्रों की कर्मभूमि यूँ तो इस संसार में कहीं भी हो सकती है। किसी भी देश का कोई भी शहर या गांव। मगर यहाँ मैं सुविधा के लिए एशिया महाद्वीप के देश भारत के एक महानगर मुम्बई का प्रयोग कर लेता हूँ। जहाँ तक मैं जानता हूँए यह कहानी अभी तक कहीं भी घटित नहीं हुई। लेकिन इतना मेरा निश्चय है कि काफ़ी वर्षों बाद घटेगी अवश्य। यह भी हो सकता हैए थोड़े से समय के बाद ही घट जाए या हो सकता हैए घटनी प्रारंभ भी हो गई हो।




